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क्या हिन्दी सम्मानजनक भाषा के रूप में मुख्य धारा में लाई जा सकती है? अगर हाँ तो किस प्रकार? अगर नहीं तो क्यों नहीं? CONTEST

Posted On: 22 Sep, 2013 Contest में

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क्या हिन्दी सम्मानजनक भाषा के रूप में मुख्य धारा में लाई जा सकती है? अगर हाँ तो किस प्रकार? अगर नहीं तो क्यों नहींCONTEST

कितना सुंदर और प्यारा नाम है हिन्दी | हिन्दी सम्मानजनक भाषा है, इसका सम्मान किसी के रोके से रुकने वाला नहीं है, इसके विस्तार में देरी होने का कारण राजनेताओ व नौकरशाही की मिलीभगत ओर अंग्रेज़ी प्रेम व गुलामी की मानसिकता के अलावा कुछ नहीं है। लेकिन अब समय आ गया है, हिन्दी सर्व मान्य होती जा रही है, भारत ही नहीं यूरोप के देशो में भी तेजी से इसका रुझान बढ़ता जा रहा है | लोग स्वयं ही इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं | इसके साथ और भी कारण हैं, यूरोप की अपनी संस्कृति, अपना खान-पान फ़ेल हो रहा है | वे भारत की संस्कृति, रहन-सहन, पोशाक, भाषा, धर्म-शास्त्र , वेद आदि का सम्मान करते जा रहे हैं, उन्हे अपनाते जा रहे हैं |

वहाँ की संसद में गायत्री-मंत्र गूंजने लगे हैं | बिना हिन्दी को जाने, बिना हिन्दी को समझे, बिना हिन्दी को पहचाने, वे भारत को, भारत के लोगो को, भारत की संस्कृति को, भारत की आदत को, भारत के रहन-सहन को, नहीं समझ सकते | जिन देशो को या जिन लोगो को ये बाते समझ आ गई है, वे तेजी से इस ओर बढ रहे हैं। ये सब भारत के विश्वगुरु बनने के आसार और लक्षण हैं | विदेश के लोग तेजी से हिंदी प्रेम की ओर बढ रहे हैं, परंतु हम कहाँ हैं? हम सो रहे हैं।  

   अगर कोई हिन्दी-प्रेमी, हिन्दी-भाषी, देशभक्त राजनेता भारत की राजगद्दी संभाले तो हमारी सबकी प्रिय हिन्दी बहुत तेज गति से शीर्ष स्तर पर पहुँच सकती है | परंतु हमें, आपको, सबको सिर्फ उनकी प्रतिक्षा में ही समय नष्ट नहीं करना है। समय अनमोल है और तेजी से भागता जा रहा है | हम, आप, सब मिलजुल कर सबके सहयोग से कार्यक्रम बनाएँ, हिन्दी को अपनाएँ, बच्चो को सिखाये और समझाये, बताएँ, शिक्षा दिलाये और हिन्दी प्रेम बढ़ाएँ|

एक मिथक बन रहा है, कि अंग्रेज़ी के बिना उच्च-शिक्षा में परेशानी आती है, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है अपनी सोच बदलें, अपनी सोच का दायरा बढ़ाएँ, अंग्रेज़ी भी सीखे, इसके साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाएँ भी सीखे परंतु सबसे अलग हिन्दी को सम्मान दे, सम्मान दिलाये ,योजनाएँ बनाएँ इससे हिन्दी को बढ़ावा दिया जा सकता है।

एक दिन ऐसा आएगा जब आपका, हमारा, सबका प्रयास सफल होगा | आपकी हिन्दी ,हमारी हिन्दी, सबकी हिन्दी, प्यारी हिन्दी सफल होगी, सफल होगी, सफल होगी |
सम्मान मिलेगा – सम्मान मिलेगा – सम्मान मिलेगा |

इन्ही शुभकामनाओ के साथ…  

जय हिन्द, जय भारत

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

भटका लड़का के द्वारा
September 30, 2013

बिल्कुल सही कहा कि यह एक मिथक बन रहा है, कि अंग्रेज़ी के बिना उच्च-शिक्षा में परेशानी आती है।

aryaji के द्वारा
September 23, 2013

अब दुनिता हिंदी की सर्वग्राहिता और वैज्ञानिकता को समझने लगी है। अच्छा लगा।

    anjaliruhela2005 के द्वारा
    September 23, 2013

    धन्यवाद


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